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मिशन कंपाउंड में मकान पर कब्जे और निर्माण का आरोप, राज्यमंत्री की शह होने की चर्चा से मामला गरमाया!

रुड़की:- शहर के मिशन कंपाउंड क्षेत्र में एक मकान और भूमि पर कथित कब्जे तथा निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंग तत्व विवादित संपत्ति पर लगातार निर्माण कार्य करा रहे हैं और शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले में क्षेत्र के एक राज्यमंत्री की शह होने की चर्चा है, जिसके कारण संबंधित विभाग और अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मिशन कंपाउंड के निवासियों और कम्पउंड के प्रॉपर्टी इंचार्ज एम्मनुअल डायसन के अनुसार, विवादित संपत्ति पर पिछले कुछ समय से निर्माण कार्य जारी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि संपत्ति को लेकर पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई है, इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। स्थानीय लोगों ने मामले की शिकायत हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से भी की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराने के बाद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि किसी भूमि या भवन को लेकर स्वामित्व का विवाद है, तो पहले उसकी जांच होनी चाहिए और स्थिति स्पष्ट होने तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाना चाहिए। लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण नियम-कायदों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य की वैधता की पड़ताल करने की मांग की है। मामले को लेकर मिशन कंपाउंड के कई लोगों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को बिना किसी दबाव के तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, ताकि कानून व्यवस्था और आम जनता का भरोसा बना रहे। वहीं, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का कहना है की मामला उनके संज्ञान मे है जल्द ही इसमें उचित कार्यवाही की जाएगी और जो भी दोषी पाया जायेगा उनको भी बक्शा नहीं जायेगा । यदि प्रशासन द्वारा जांच कराई जाती है और निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, यदि निर्माण कार्य वैध दस्तावेजों और अनुमति के आधार पर किया जा रहा है, तो संबंधित पक्ष को भी अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए। फिलहाल मिशन कंपाउंड का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच ही विवाद का स्थायी समाधान निकाल सकती है।

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